प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तमिलनाडु में वर्ष 2017 की पॉलिटेक्निक लेक्चरर भर्ती परीक्षा से जुड़े बड़े घोटाले की जांच में महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने चेन्नई, मदुरै, त्रिची और कोयंबटूर सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी कर भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं।

ईडी के अनुसार यह मामला सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर पदों की भर्ती के दौरान ओएमआर उत्तर पुस्तिकाओं में कथित हेरफेर से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि कुछ उम्मीदवारों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए परीक्षा परिणामों में बदलाव किया गया था, जिससे अयोग्य अभ्यर्थियों को भी चयन सूची में शामिल कर लिया गया।
जांच एजेंसी का दावा है कि भर्ती प्रक्रिया में इस्तेमाल की गई मूल ओएमआर शीट के अलावा एक अतिरिक्त सेट तैयार किया गया था। इस अतिरिक्त सेट के माध्यम से कुछ उम्मीदवारों के अंक बढ़ाकर उन्हें योग्य घोषित किया गया। इस कथित साजिश के चलते 262 उम्मीदवारों को लेक्चरर पद के लिए चयनित कर लिया गया।
मामले की शुरुआत तमिलनाडु पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर से हुई थी। शिकायतों और जनहित याचिकाओं के बाद भर्ती परीक्षा के परिणामों की दोबारा समीक्षा कराई गई, जिसमें कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं। इसके बाद चयन सूची को निरस्त कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस जांच के दौरान कई आरोपियों की भूमिका सामने आई और समय-समय पर चार्जशीट दाखिल की गई। इसके आधार पर ईडी ने धन शोधन के पहलुओं की जांच शुरू की और यह पता लगाने का प्रयास किया कि भर्ती घोटाले से अर्जित धन का उपयोग किस प्रकार किया गया।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि कुछ एजेंटों और बिचौलियों के माध्यम से उम्मीदवारों से भारी रकम वसूली गई। आरोप है कि चयन सुनिश्चित कराने के नाम पर लाखों रुपये नकद लिए गए और बाद में इन पैसों को विभिन्न खातों तथा फर्मों के जरिए घुमाकर वैध दिखाने का प्रयास किया गया।
जांच एजेंसी के मुताबिक अवैध रूप से प्राप्त धनराशि को कई बैंक खातों, प्रॉक्सी कंपनियों और सहयोगियों के माध्यम से स्थानांतरित किया गया। इसके बाद इस राशि का निवेश संपत्तियों, जमीनों और आभूषणों में किए जाने के संकेत भी मिले हैं।
हालिया छापेमारी के दौरान ईडी को कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, उम्मीदवारों की ओएमआर प्रतियां, प्रमाणपत्रों की कॉपियां और डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इसके अलावा लाखों रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं, जो जांच में महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकते हैं।
ईडी ने कई बैंक खातों और डीमैट खातों पर रोक लगाने के साथ-साथ करोड़ों रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए हैं। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस भर्ती घोटाले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।