भरत तिवारी एनकाउंटर: 11 आरोपियों पर कार्रवाई को लेकर कोर्ट में सुनवाई, SP से मांगी जांच रिपोर्ट

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भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आज आरा सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में भरत तिवारी के परिवार की ओर से वकील संजीव कुमार सिंह ने कोर्ट के सामने 11 बिंदुओं पर अपना पक्ष रखा।

वकील ने कोर्ट से अब तक हुई कार्रवाई और जांच से जुड़ी जानकारी मांगी। इसके बाद कोर्ट ने भोजपुर SP से अब तक की जांच रिपोर्ट और 11 बिंदुओं पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी है।

सुनवाई के बाद वकील संजीव कुमार सिंह ने दावा किया कि एनकाउंटर में शामिल 11 लोगों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया है। हालांकि, कोर्ट की ओर से स्पष्ट किया गया कि इन 11 लोगों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी नहीं किया गया है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वकील की ओर से 11 बिंदुओं पर अपना पक्ष रखा गया था। इन बिंदुओं पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी कोर्ट ने मांगी है।

वकील के मुताबिक, उन्होंने गैरजमानती वारंट जारी करने के लिए याचिका दाखिल की थी। इसके साथ ही जांच रिपोर्ट, अब तक हुई कार्रवाई और प्राथमिकी में नामजद आरोपियों से जुड़ी जानकारी भी कोर्ट के सामने रखी गई।

मामले में जिन लोगों का नाम प्राथमिकी अभियुक्त के तौर पर बताया गया है, उनमें तत्कालीन एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा, तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार, STF जवान अक्षय कुमार, विकास कुमार, रविंदर, अंकित आर्यन, रामचंदर और हरिशचंदर समेत अन्य लोग शामिल हैं।

इस मामले में अब तक एक गिरफ्तारी हुई है। भोजपुर पुलिस ने एनकाउंटर में शामिल STF जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया है। वहीं तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार को निलंबित किया जा चुका है।

मामले में अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है। तत्कालीन एसडीपीओ राजेश शर्मा को पटना में मद्य निषेध का DSP बनाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें दोबारा लाइन क्लोज कर दिया गया। तत्कालीन SDM संजीत कुमार को भी पद से हटाकर पटना मुख्यालय अटैच किया गया।

भरत तिवारी की मौत को लेकर उनके परिवार और समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। इसी मामले में जांच और न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। अब कोर्ट ने जांच से जुड़ी जानकारी मांगी है।

मामले की शुरुआत 15 जून की सुबह सामने आए एक फेसबुक लाइव से जुड़ी है। वीडियो में भरत भूषण तिवारी एक सुनसान इलाके में दिखाई दे रहे थे, जबकि उनके सामने पुलिस और STF की टीम मौजूद थी।

वीडियो में भरत ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि वह कोई मुजरिम नहीं हैं। इसके बाद उन्होंने पुलिस की ओर हथियार फेंककर सरेंडर करने की बात कही और फेसबुक लाइव बंद कर दिया।

पुलिस के अनुसार, इसके बाद भरत ने दोबारा पिस्टल उठाकर फायरिंग करने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि जवाबी कार्रवाई में उनके पैरों में गोली लगी थी। अब इस पूरे मामले में कोर्ट की सुनवाई और जांच रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।