मोहाली में हेडमास्टर गुरसेवक सिंह की हत्या के मामले में उनके परिजनों ने एक महिला टीचर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का दावा है कि स्कूल में काम को लेकर महिला टीचर के साथ गुरसेवक सिंह का विवाद हुआ था, जिसके बाद दोनों के बीच तनाव बढ़ गया था।
परिजनों के मुताबिक, महिला टीचर पर स्कूल के काम और बच्चों की पढ़ाई में लापरवाही बरतने के आरोप लगे थे। इस मामले की शिकायत शिक्षा विभाग से किए जाने के बाद महिला टीचर का तबादला कर दिया गया था। परिवार का आरोप है कि इसी बात को लेकर उनके मन में गुरसेवक सिंह के खिलाफ रंजिश पैदा हो गई थी।
गुरसेवक सिंह पर 5 अगस्त को उनके घर के बाहर हमला किया गया था। बताया गया कि जैसे ही वह स्कूल से लौटकर अपनी गाड़ी से नीचे उतरे, उसी दौरान कार में सवार कुछ युवक वहां पहुंचे और उन पर कुल्हाड़ी व तेजधार हथियारों से हमला कर दिया।
हमले में गुरसेवक सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तुरंत मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा था। हालांकि, रविवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
परिवार का यह भी कहना है कि गुरसेवक सिंह पर इससे पहले 1 मई को भी हमला करने की कोशिश की गई थी। उस समय वह एक साथी शिक्षक की रिटायरमेंट पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे। वहां कार में सवार कुछ युवक पहुंचे थे, लेकिन अन्य शिक्षकों के सतर्क हो जाने के कारण हमलावर अपने इरादे में सफल नहीं हो सके।
परिजनों के अनुसार, पहली घटना के बाद गुरसेवक सिंह को खतरे का अंदेशा था। इसके बावजूद कुछ समय बाद उनके घर के बाहर हमला कर दिया गया। परिवार को शक है कि दोनों घटनाओं के पीछे एक ही साजिश हो सकती है।
गुरसेवक सिंह अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी भी शिक्षक हैं। उनका बड़ा बेटा पढ़ाई के लिए कनाडा में है, जबकि छोटा बेटा उनके साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। अंतिम संस्कार के दौरान छोटे बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी।
इलाके के लोगों के मुताबिक, गुरसेवक सिंह स्कूल के विकास और बच्चों की पढ़ाई को लेकर काफी सक्रिय रहते थे। स्कूल में शिक्षा के साथ-साथ खेलकूद की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी उनका ध्यान रहता था। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ स्कूल से जुड़े लोगों में भी शोक है।
जिला शिक्षा विभाग की ओर से भी गुरसेवक सिंह के निधन पर दुख जताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, वह अपने काम को लेकर जिम्मेदार और मेहनती थे। विभाग के जरूरी काम और डेटा तैयार करने में भी वह काफी समय देते थे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की कई एंगल से जांच कर रही है। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और हमले में इस्तेमाल की गई कार के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। परिवार की ओर से महिला टीचर पर लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा सकती है। हालांकि, हत्या की असली वजह और महिला टीचर की कथित भूमिका की अभी पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं हुई है।

