तेलंगाना में जमानत पर छूटे रेप आरोपी का खूनी तांडव, पत्नी-बच्चों समेत 6 लोगों की हत्या

You are currently viewing तेलंगाना में जमानत पर छूटे रेप आरोपी का खूनी तांडव, पत्नी-बच्चों समेत 6 लोगों की हत्या

तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले से एक बेहद सनसनीखेज और दर्दनाक मामला सामने आया है। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार एक आरोपी ने जमानत पर जेल से बाहर आने के बाद छह लोगों की निर्मम हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार आरोपी ने सबसे पहले अपने ही परिवार को निशाना बनाया और अपनी 30 वर्षीय पत्नी तथा अपने दो मासूम बेटों, जिनकी उम्र लगभग चार वर्ष और 18 महीने थी, की हत्या कर दी।

इसके बाद आरोपी वहां से करीब छह किलोमीटर दूर दूसरे गांव पहुंचा, जहां उसने उस नाबालिग पीड़िता, उसकी मां और नानी पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले में तीनों की मौत हो गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पीड़िता ने कुछ समय पहले आरोपी के खिलाफ POCSO कानून के तहत दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। उसी मामले में आरोपी जेल गया था और बाद में उसे जमानत मिल गई थी।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी पहले से लगातार धमकियां दे रहा था। उनका कहना है कि उसने कई बार पूरे परिवार को खत्म करने की बात कही थी। परिवार ने पुलिस को इस संबंध में जानकारी भी दी थी और आरोपी की गतिविधियों के बारे में आगाह किया था, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण यह बड़ी वारदात हो गई।

परिजनों का कहना है कि आरोपी जमानत मिलने के बाद खुलेआम घूम रहा था और पीड़िता को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद पुलिस ने पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की और न ही आरोपी की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी। घटना के बाद परिजनों ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और दोनों स्थानों का निरीक्षण किया। डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की सहायता से घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और हत्या के पीछे की परिस्थितियों तथा घटनाक्रम की विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

यह मामला कानून-व्यवस्था और जमानत के बाद आरोपियों की निगरानी को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

POCSO कानून क्या है?

POCSO (Protection of Children from Sexual Offences Act), 2012 बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया विशेष कानून है। इस कानून के तहत 18 वर्ष से कम आयु के प्रत्येक व्यक्ति को बच्चा माना जाता है। ऐसे मामलों की सुनवाई विशेष POCSO अदालतों में की जाती है। कानून पीड़ित बच्चे की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखने का प्रावधान करता है। गंभीर मामलों में दोष सिद्ध होने पर कठोर सजा, जिसमें आजीवन कारावास या कानून के अनुसार निर्धारित अन्य कड़ी सजा शामिल हो सकती है।