बंगलूरू: क्रिप्टोकरेंसी के जरिए सस्ते दामों पर विदेशी सामान खरीदने का सपना दिखाकर एक व्यक्ति से 17.64 लाख रुपये की ठगी और लूट का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पहले भरोसा जीतने के लिए छोटी रकम का सफल क्रिप्टो ट्रांजैक्शन किया और बाद में बड़ी रकम लेकर फरार होने की साजिश को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
यह मामला बंगलूरू के संजयनगर थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि वह नया कैफे शुरू करने की तैयारी कर रहा था। कारोबार के लिए जापान और चीन से कम कीमत पर किचन उपकरण खरीदने की योजना थी। इसी दौरान एक परिचित ने उसे बताया कि विदेशी भुगतान के लिए यूएसडीटी (USDT) क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल करना होगा।
इसके बाद पीड़ित को एक व्हाट्सऐप ग्रुप से जोड़ा गया, जहां क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज से जुड़े लोगों के होने का दावा किया गया। ग्रुप के एक सदस्य ने संपर्क कर भरोसा दिलाया कि वह भारतीय रुपये को सुरक्षित तरीके से यूएसडीटी में बदल सकता है। शुरुआत में उसने 2.50 लाख रुपये का सफल ट्रांजैक्शन कर पीड़ित का विश्वास जीत लिया।
पहला लेनदेन सफल होने के बाद पीड़ित ने 17.64 लाख रुपये की बड़ी राशि को भी यूएसडीटी में बदलने का फैसला किया। आरोपियों ने उसे अगले दिन रात में संजयनगर स्थित कल्पना चावला रोड पर नकदी के साथ बुलाया और वहीं पूरी योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, जैसे ही पीड़ित अपने भाई और एक दोस्त के साथ तय स्थान पर पहुंचा, आरोपियों ने बिना किसी क्रिप्टो ट्रांसफर के पूरी नकदी छीन ली। विरोध करने पर पीड़ित और उसके साथ आए लोगों के साथ मारपीट की गई और आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पीड़ित ने तुरंत संजयनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से जांच शुरू की। जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने देवनसंद्रा क्षेत्र में छापेमारी कर पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने अपने अन्य साथियों के नाम उजागर किए। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए कुल 12 आरोपियों को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि पूरे गिरोह ने योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया था।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13.90 लाख रुपये नकद, छह दोपहिया वाहन, एक कार और 13 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। वहीं एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश लगातार जारी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि क्रिप्टोकरेंसी या ऑनलाइन निवेश से जुड़े किसी भी बड़े लेनदेन से पहले पूरी जांच-पड़ताल करें। केवल सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप ग्रुप या अनजान लोगों के भरोसे बड़ी रकम का लेनदेन करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। मामले की जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।