अयोध्या श्रीराम मंदिर दान प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) के समक्ष गुरुवार को आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह उपस्थित हुए। उन्होंने जांच से जुड़े कई दस्तावेज और प्रमाण टीम को सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष पड़ताल की मांग की।
संजय सिंह सुबह लखनऊ स्थित मंडलायुक्त कार्यालय पहुंचे, जहां SIT के अध्यक्ष एवं लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के समक्ष उन्होंने अपना पक्ष रखा। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे दस्तावेज हैं जो जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मीडिया से बातचीत में संजय सिंह ने कहा कि मामले से संबंधित सभी तथ्यों को जांच एजेंसी तक पहुंचाना जरूरी है। इसी उद्देश्य से उन्होंने स्वयं उपस्थित होकर उपलब्ध प्रमाण जांच दल को सौंपे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दस्तावेजों में वित्तीय अनियमितताओं और प्रक्रियागत गड़बड़ियों से जुड़े कई बिंदु शामिल हैं। उनके अनुसार यदि इन तथ्यों की निष्पक्ष जांच होती है तो कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
आप सांसद ने बताया कि अतिरिक्त साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए उन्होंने पहले ही SIT से समय मांगा था। जांच दल ने उन्हें आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का पूरा अवसर दिया, जिसके बाद वह निर्धारित समय पर जांच टीम के सामने पेश हुए।
संजय सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस बयान का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि किसी के पास मामले से जुड़े प्रमाण हों तो उन्हें जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराना चाहिए। संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने उसी अपील का पालन करते हुए सभी दस्तावेज SIT को सौंपे हैं।

इस बीच आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी उत्तर प्रदेश दौरे पर पहुंच रहे हैं। वह लखनऊ आने के बाद सड़क मार्ग से अयोध्या रवाना होंगे।
अयोध्या में रात्रि विश्राम के बाद 26 जून को अरविंद केजरीवाल रामलला के दर्शन करेंगे। इसके साथ ही हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना और संत-महात्माओं से मुलाकात का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
राम मंदिर दान प्रकरण पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में संजय सिंह द्वारा SIT को दस्तावेज सौंपे जाने और केजरीवाल के अयोध्या दौरे के बाद जांच की दिशा और उसके संभावित निष्कर्षों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।