महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्मों में एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनना भले ही आसान दिखाया जाता हो, लेकिन असल जिंदगी में मुख्यमंत्री बनना आसान नहीं होता। इसके लिए लंबे समय तक मेहनत, संघर्ष और जनता का भरोसा जरूरी होता है।
उन्होंने कहा कि भारत का संविधान और लोकतंत्र आम लोगों को भी आगे बढ़ने का मौका देता है। लोकतंत्र की ताकत ऐसी है कि जो व्यक्ति कभी पार्षद बनने की कल्पना भी नहीं करता था, वह आगे चलकर मुख्यमंत्री के पद तक पहुंच सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में ऐसे उदाहरण भी मौजूद हैं, जहां सामान्य परिस्थितियों से निकलकर व्यक्ति ने बहुत बड़ा राजनीतिक मुकाम हासिल किया। उन्होंने इसे भारतीय लोकतंत्र और संविधान की ताकत बताया।
उन्होंने अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने राजनीति में कदम रखा था, तब उनकी पार्टी विपक्ष में थी। उस समय उन्हें भी नहीं लगा था कि एक दिन उन्हें राज्य का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी मिलेगी।
उन्होंने बताया कि वह विचारधारा और राजनीतिक प्रतिबद्धता के कारण लगातार काम करते रहे। जनता का भरोसा मिलने के बाद वह धीरे-धीरे राजनीति में आगे बढ़ते गए और आखिरकार मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति पूरी लगन के साथ अपना लक्ष्य तय कर ले और लगातार मेहनत करता रहे, तो लोकतंत्र उसे आगे बढ़ने का अवसर देता है। उन्होंने युवाओं को लक्ष्य तय करके आगे बढ़ने का संदेश दिया।
अपने शुरुआती राजनीतिक संघर्ष को याद करते हुए उन्होंने आंदोलन के दौरान जेल जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कम उम्र में आंदोलन में शामिल होने के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था और कई दिन जेल में रहना पड़ा था।
उन्होंने कहा कि संघर्ष के दौर में आई मुश्किलों के बावजूद उन्होंने अपना रास्ता नहीं छोड़ा। उनके मुताबिक, राजनीतिक जीवन में लगातार प्रयास और जनता का विश्वास ही उन्हें आगे लेकर गया।
स्टार्टअप को लेकर भी उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को नए विचारों के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए फंड और इन्क्यूबेशन सेंटर जैसी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले युवाओं के पास अगर कोई अच्छा आइडिया है और वे उसे कारोबार या उपयोगी उत्पाद में बदलना चाहते हैं, तो उन्हें आगे बढ़ने के लिए सरकार की ओर से सहयोग दिया जाएगा।

