पंजाब चुनाव में केहर सिंह के बेटे की एंट्री: अमृतपाल की पार्टी ने बस्सी पठाना से सतवंत सिंह को बनाया उम्मीदवार

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अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अपना पहला उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी ने बस्सी पठाना विधानसभा सीट से सतवंत सिंह को प्रत्याशी बनाया है। सतवंत सिंह केहर सिंह के बेटे हैं, जिन्हें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश में दोषी ठहराया गया था।

सतवंत सिंह की उम्मीदवारी का ऐलान पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष तरसेम सिंह ने किया। तरसेम सिंह, जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह के पिता हैं। उम्मीदवार की घोषणा अमृतसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई।

केहर सिंह को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की साजिश में शामिल होने का दोषी ठहराया गया था। 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की उनके दो सुरक्षाकर्मियों बेअंत सिंह और सतवंत सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।

अदालत ने केहर सिंह को हत्या की आपराधिक साजिश का दोषी माना था और उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। 6 जनवरी 1989 को तिहाड़ जेल में केहर सिंह को फांसी दी गई थी। अब उनके बेटे सतवंत सिंह के चुनाव मैदान में उतरने से यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

इंदिरा गांधी हत्याकांड से जुड़े परिवार का एक और सदस्य पंजाब की राजनीति में सक्रिय है। बेअंत सिंह के बेटे सरबजीत सिंह खालसा फरीदकोट लोकसभा सीट से सांसद हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीत दर्ज की थी।

सरबजीत सिंह खालसा का नाम भी वारिस पंजाब दे की चुनावी गतिविधियों और रणनीति से जुड़कर सामने आया है। ऐसे में इंदिरा गांधी हत्याकांड से जुड़े दोनों परिवारों के सदस्यों की पंजाब की राजनीति में मौजूदगी चर्चा का विषय बनी हुई है।

वारिस पंजाब दे की शुरुआत 2021 में अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता दीप सिद्धू ने की थी। संगठन का उद्देश्य पंजाब से जुड़े सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों को उठाना बताया गया था। 15 फरवरी 2022 को सड़क दुर्घटना में दीप सिद्धू की मौत हो गई।

दीप सिद्धू की मौत के बाद संगठन का नेतृत्व अमृतपाल सिंह के हाथों में आया। इसके बाद अमृतपाल सिंह की गतिविधियों और संगठन को लेकर पंजाब की राजनीति में काफी चर्चा हुई।

फरवरी 2023 में अमृतपाल सिंह के समर्थकों ने अजनाला थाने का घेराव किया था। समर्थक एक व्यक्ति की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे थे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी और बड़ी संख्या में लोग हथियारों के साथ थाना परिसर में पहुंच गए थे।

2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां तेज हो रही हैं। वारिस पंजाब दे की ओर से सतवंत सिंह को पहला उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद बस्सी पठाना सीट पर मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। पार्टी आने वाले समय में अन्य सीटों के लिए भी उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है।