एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: FTRI संस्थान को मिली मंजूरी, उज्जैन एयरपोर्ट के लिए भी ₹590 करोड़ हुए मंजूर; बैठक में बजट, खेती और इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहा फोकस

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मध्यप्रदेश सरकार ने वित्तीय प्रबंधन को अधिक सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए फाइनेंशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (FTRI) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव पर सहमति बनी। यह संस्थान राज्य में बजट आकलन, वित्तीय नीतियों के विश्लेषण और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र बनेगा। शुरुआती दौर में इसका संचालन प्रशासन अकादमी के माध्यम से किया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द इसकी गतिविधियां शुरू की जा सकें।

बैठक में कृषि और सिंचाई से जुड़े मुद्दों पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मंदसौर जिले में गांधी सागर बांध से संबंधित कातन सिंचाई परियोजना को स्वीकृति दी गई है। इस योजना के तहत 3500 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे 120 गांवों के 1358 परिवारों को सीधा लाभ होगा। इस परियोजना पर कुल 88.41 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।

किसानों के हित में सरकार ने दलहन खरीदी को लेकर भी स्पष्ट नीति तय की है। चने का समर्थन मूल्य 5000 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिसमें कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत खरीदा जाएगा। वहीं मसूर के लिए 5800 रुपए प्रति क्विंटल का भाव तय कर इसकी 100 प्रतिशत खरीदी का निर्णय लिया गया है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए 3174 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। साथ ही प्रदेश में गेहूं खरीदी 9 अप्रैल से शुरू होगी और इसमें प्राथमिकता छोटे किसानों को दी जाएगी।

आगामी सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में एयरपोर्ट विकास के लिए भी बड़ा निर्णय लिया गया है। कैबिनेट ने भूमि अधिग्रहण के लिए 590 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यह एयरपोर्ट केंद्र सरकार की ‘उड़ान’ योजना के तहत विकसित किया जाएगा और निर्माण कार्य केंद्र द्वारा कराया जाएगा। इसके पूरा होने पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने उज्जैन में आयोजित ‘महाकाल: द मास्टर ऑफ टाइम’ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

सरकार ने विभिन्न विभागों की योजनाओं को निरंतर जारी रखने का भी निर्णय लिया है। वाणिज्यिक कर विभाग की 8 योजनाओं के लिए 2952 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा वन विभाग की योजनाओं के लिए 5215 करोड़ रुपए और स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं के संचालन के लिए 4672 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं, जिससे विकास कार्यों की गति बनी रहेगी।

सामाजिक क्षेत्र में अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति में बड़ा इजाफा किया गया है। अब तक 2000 रुपए प्रतिमाह मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 10 हजार रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है। यह सुविधा स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को मिलेगी, जिससे उनकी उच्च शिक्षा में आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

कैबिनेट बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल से 14 अप्रैल तक प्रदेशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि राज्य स्तरीय आयोजन भिंड जिला मुख्यालय पर होगा। जिला और विकासखंड स्तर पर भी आयोजन किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य समाज में जागरूकता बढ़ाना है।

मुख्यमंत्री ने हाल ही में केंद्र सरकार से मिली अधोसंरचना परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि एनएच-46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन में 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर के लिए 758 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली है। इसके अलावा निवाड़ी-झांसी फोरलेन दक्षिणी बाइपास सहित अन्य सड़क परियोजनाओं के लिए 631.73 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।