प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की 7.8% आर्थिक वृद्धि को देश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए देशवासियों को बधाई देते हुए इसे उनकी इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का परिणाम बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया कई तरह की चुनौतियों और संकटों से गुजर रही है। ऐसे माहौल में भारत का आर्थिक विकास देश की क्षमता और मजबूती को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर युद्ध और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी भारत ने अपनी विकास की गति बनाए रखी है। उनके मुताबिक, इस उपलब्धि के पीछे देश के लोगों का लगातार प्रयास और आत्मविश्वास महत्वपूर्ण है।
प्रधानमंत्री ने देश के अंदर निराशा फैलाने और झूठ के सहारे माहौल खराब करने की कोशिशों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों के बावजूद देश ने 7.8% की विकास दर हासिल की है।
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि भारत को इसी आर्थिक रफ्तार को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास करना होगा। आने वाले समय में विकास की गति को और तेज करने की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने लोगों से मेक इन इंडिया की भावना के साथ आगे बढ़ने और देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि गैर-जरूरी चीजों पर खर्च करने से बचना चाहिए। उनके अनुसार, जरूरत नहीं होने पर सोना खरीदने जैसी चीजों से भी बचना देश की आर्थिक मजबूती में योगदान दे सकता है।
विदेश यात्रा और विदेश में होने वाली शादियों को लेकर भी प्रधानमंत्री ने लोगों से खर्च के बारे में विचार करने की अपील की। उन्होंने देश के भीतर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में जितना ज्यादा स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जाएगा, भारत उतना ही मजबूत होकर आगे बढ़ेगा। उन्होंने आर्थिक विकास को जनभागीदारी से जोड़ते हुए लोगों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने विश्वास जताया कि भारत अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे होने तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की युवा पीढ़ी को एक विकसित और मजबूत भारत सौंपने का लक्ष्य है।

