मऊगंज जिले के हनुमना तहसील के ग्राम खटखरी से सामने आई तस्वीरें सिर्फ एक गांव की समस्या नहीं, बल्कि पूरे प्रशासनिक ढांचे की पोल खोल रही हैं. खसरा नंबर 3287 की शासकीय जमीन पूरी तरह अतिक्रमण है, वहीं एमपीआरडीसी द्वारा जनता की सुविधा के लिए बनाई गई सड़क पूरी तरह अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुकी है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि सड़क अब सड़क नहीं रही बल्कि 20-25 लोगों द्वारा खड़ी की गई अवैध दुकानों और पक्के निर्माणों की कतार में तब्दील हो चुकी है.
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यह सब कुछ आखिर किसकी शह पर हो रहा है? खुलेआम सरकारी जमीन पर कब्जा किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं. न कोई कार्रवाई, न कोई रोक, मानो कानून व्यवस्था पूरी तरह दम तोड़ चुकी हो.
हर दिन जाम, हर पल जान पर खतरा
जिस सड़क से कभी हजारों लोग और भारी वाहन बेधड़क गुजरते थे, आज वहीं घंटों जाम लगना आम हो गया है. राहगीर बेहाल हैं, स्कूली बच्चे परेशान हैं और सबसे चिंताजनक बात एंबुलेंस जैसी इमरजेंसी सेवाएं भी इस जाम में फंसकर जूझ रही हैं. स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि अगर हालात नहीं बदले, तो यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त
मऊगंज जिला बनने के बाद इस सड़क का महत्व और बढ़ गया था. यह मार्ग खटखरी को शाहपुर, गौरी, सोनौरी, चाकघाट होते हुए प्रयागराज और बनारस जैसे प्रमुख शहरों से जोड़ता है. लेकिन अतिक्रमण ने इस जीवनरेखा को जाम और अव्यवस्था में बदल दिया है. लोग परेशान हैं, लोगो की आवाजाही थम चुकी है और आम जनता रोज इस समस्या का खामियाजा भुगत रही है.