किसानों का दिल्ली मार्च तेज, हरियाणा बॉर्डर पर सख्ती: शंभू-कुंडली सिंघु बॉर्डर सील, कई किसान नेता हिरासत में

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किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए हरियाणा और दिल्ली से जुड़े बॉर्डरों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अमेरिका-भारत प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के विरोध में किसानों ने दिल्ली में महापंचायत और प्रदर्शन का ऐलान किया है। इसके चलते हरियाणा के कई जिलों में पुलिस ने बैरिकेडिंग बढ़ा दी है और आने-जाने वाले वाहनों की सख्ती से जांच की जा रही है।

किसानों के दिल्ली मार्च का असर हरियाणा के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। सोनीपत, अंबाला, करनाल, कुरुक्षेत्र, पानीपत, रोहतक, झज्जर समेत कई जगहों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रमुख रास्तों और बॉर्डर इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए हैं।

अंबाला के शंभू बॉर्डर पर किसानों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। बॉर्डर क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाई गई है। पुलिस ने रास्तों पर बैरिकेड लगाकर आवाजाही को नियंत्रित किया है।

सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर किसानों के दिल्ली जाने के कारण लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला। कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लग गई। पुलिस और सुरक्षा बलों ने वाहनों की जांच के बाद ही दिल्ली की तरफ जाने की अनुमति दी। भारी वाहनों और निजी वाहनों को भी अलग-अलग लेन से निकाला जा रहा है।

हरियाणा पुलिस ने कई जिलों में किसान नेताओं और प्रदर्शन से जुड़े लोगों पर कार्रवाई की है। कुछ किसान नेताओं को उनके घरों पर नजरबंद किया गया है, जबकि कई लोगों को रास्ते में रोककर हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि यह कदम किसी भी तरह की अव्यवस्था को रोकने और शांति बनाए रखने के लिए उठाए गए हैं।

कुरुक्षेत्र, करनाल और पानीपत क्षेत्रों में दिल्ली जाने वाले किसानों के जत्थों को रोकने के लिए कई जगह नाके लगाए गए हैं। कुछ किसानों को बसों और निजी वाहनों से जाते समय रोका गया। कई जगहों पर पुलिस और किसानों के बीच बातचीत भी हुई, ताकि स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।

किसान संगठनों का कहना है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण है और वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए दिल्ली जाना चाहते हैं। किसानों ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित ट्रेड डील का विरोध करते हुए आशंका जताई है कि इससे भारतीय कृषि क्षेत्र और छोटे किसानों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

वहीं प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली की सीमाओं पर भी चेकिंग बढ़ा दी गई है। कुंडली-सिंघु बॉर्डर, बहादुरगढ़-द्वारका बाईपास और अन्य प्रमुख रास्तों पर पुलिस कर्मियों के साथ सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

किसान नेताओं और प्रशासन के बीच बातचीत का दौर भी जारी है। कुछ अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि हिरासत में लिए गए किसानों और नेताओं को स्थिति सामान्य होने पर छोड़ा जा सकता है। वहीं किसान संगठन आगे की रणनीति तय करने के लिए अपने नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं।

दिल्ली कूच को लेकर हरियाणा और दिल्ली दोनों जगह प्रशासन अलर्ट मोड पर है। बॉर्डर क्षेत्रों में ट्रैफिक प्रभावित हुआ है और आम लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है, जबकि किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखने की बात कह रहे हैं।