राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पश्चिम बंगाल के चर्चित बम विस्फोट मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस अभियान के दौरान एजेंसी ने विस्फोटक तैयार करने के आरोप में दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। माना जा रहा है कि दोनों आरोपी अवैध बम निर्माण नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
एनआईए के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हावड़ा (ग्रामीण) के अमता क्षेत्र के रहने वाले असफार मिड्ड्या और एंताजुल मिड्ड्या के रूप में हुई है। दोनों पर लंबे समय से जांच एजेंसियों की नजर थी और इनके खिलाफ कई महत्वपूर्ण सबूत जुटाए गए थे।
जांच एजेंसी ने मंगलवार रात तीन संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और जांच से जुड़े अन्य सामान बरामद किए गए, जिनकी फॉरेंसिक जांच कराई जाएगी।
यह मामला 23 फरवरी 2022 को अमता पुलिस थाना क्षेत्र के चंद्रपुर बाजार के पास हुए बम विस्फोट से जुड़ा है। घटना के दौरान अवैध रूप से देसी बम तैयार किए जा रहे थे, तभी अचानक विस्फोट हो गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।
विस्फोट में बम बनाने वाले एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी, लेकिन बाद में इसकी गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंप दी गई।
एनआईए की शुरुआती जांच में सामने आया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी बम निर्माण की पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाते थे। एजेंसी का दावा है कि इनके निर्देश पर विस्फोटक सामग्री तैयार की जाती थी और अवैध गतिविधियों को संचालित किया जाता था।
छापेमारी के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि विस्फोटक सामग्री कहां से लाई जाती थी और उसका इस्तेमाल किन उद्देश्यों के लिए किया जाना था।
एनआईए का कहना है कि मामले में आगे भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है और जरूरत पड़ने पर विभिन्न स्थानों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस कार्रवाई से अवैध बम निर्माण से जुड़े नेटवर्क पर बड़ा असर पड़ेगा। फिलहाल दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी की जा रही है, जबकि जांच एजेंसी पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़कर विस्तृत जांच में जुटी हुई है।