भोपाल में छात्राओं की सुरक्षा और शैक्षणिक माहौल को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पॉलिटेक्निक चौराहे पर एकत्र हुए और कॉलेज परिसर के पास संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षा संस्थानों के आसपास सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि महारानी लक्ष्मीबाई गर्ल्स कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज के बीच स्थित शराब दुकान के कारण छात्राओं को रोजाना असुरक्षा की भावना का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे छात्राओं और अभिभावकों में चिंता का माहौल है। छात्रों ने बैनर-पोस्टर के माध्यम से शिक्षा के मंदिर के पास शराब दुकान नहीं चलाने की मांग दोहराई।

मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में पुलिस ने पूरे क्षेत्र की निगरानी की, जबकि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास करते रहे। इस दौरान कुछ छात्रों ने बैरिकेडिंग के पास पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और जल्द कार्रवाई की मांग की।
एबीवीपी पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन पिछले लगभग एक वर्ष से इस मुद्दे को लगातार उठा रहा है। कई बार ज्ञापन सौंपने और प्रशासन से चर्चा करने के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिसके कारण छात्रों को दोबारा सड़कों पर उतरना पड़ा। उनका कहना है कि यह आंदोलन छात्राओं की सुरक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए है, न कि किसी राजनीतिक उद्देश्य से।

प्रदर्शन के बीच कलेक्टर भी छात्रों से मिलने पहुंचे, जहां प्रतिनिधियों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, कॉलेजों के आसपास संचालित शराब दुकानों को हटाने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और सुरक्षित आवागमन के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने की मांग रखी। छात्रों ने स्पष्ट किया कि अब केवल आश्वासन नहीं बल्कि समयबद्ध कार्रवाई चाहिए।
विद्यार्थी परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। संगठन का कहना है कि चरणबद्ध आंदोलन के तहत पहले ज्ञापन, फिर निवेदन और अब प्रदर्शन किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन धरना और बड़े स्तर पर जनआंदोलन भी किया जाएगा, ताकि छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा संस्थानों के आसपास सुरक्षित माहौल सुनिश्चित हो सके।