महिला आरक्षण पर मोदी सरकार की राह क्यों है मुश्किल? नंबर गेम में फंस सकता है मामला

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लोकसभा में महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित बिलों पर आज लोकसभा में दूसरे दिन चर्चा जारी है.शुक्रवार शाम 4 बजे तीनों बिलों पर वोटिंग होने वाली है. इससे पहले पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों से वोट की अपील की है. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या एनडीए के पास नंबर गेम नहीं है? तो इसका जवाब है नहीं. अब सवाल है कि कैसे यह पास होगा?

पीएम ने वोटिंग से दो घंटे पहले X पर पोस्ट किया है. उन्होंने लिखा कि मैं सभी सांसदों से कहूंगा कि आप अपने घर में मां-बहन-बेटी-पत्नी को याद करते हुए वोटिंग करें. उनके वंदन का ये बहुत बड़ा मौका है. वहीं कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पहले ही साफ कर द‍िया कि हम बिल को पास नहीं होने देंगे. मतलब बिल के खिलाफ वोटिंग करेंगे.

हालांकि तमाम विपक्षी दल मह‍िला आरक्षण के तो समर्थन में हैं. लेकिन पर‍िसीमन के खिलाफ हैं. कुछ का मानना है कि इस परिसीमन के जरिए राजनीति‍ को बदलने की कोशिश की जा रही है. यही वजह है कि विपक्ष एकजुट नहीं हो पा रहा है.

कौन-कौन से हैं वो बिल?

1-संविधान (131वां संशोधन) बिल 2026
2-परिसीमन बिल 2026
3-केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026

कितने सांसदों के समर्थन से पास होगा बिल?

लोकसभा की कुल सदस्य संख्या 543 है. हालांकि इस समय 3 सीटें खाली हैं मतलब संसद में मौजूदा सांसदों संख्या 549 है. अगर मोदी सरकार को इन तीन बिलों को पास कराना है तो दो‑तिहाई बहुमत की जरूरत होगी. मतलब 540 सांसदों में से 360 सांसदों का समर्थन जरूरी है. अगर इससे कम होता है तो बिल पास नहीं हो सकते हैं.

एनडीए के पास कितने सांसद?

बीजेपी: 240
टीडीपी: 16
जेडीयू: 12
शिवसेना: 7
अन्य सहयोगी: 18

कुल: 293 सांसद. यानी सरकार 360 के आंकड़े से 67 सांसद दूर है. वोटिंग के दौरान अगर कुछ पार्टियां इससे दूर रहती है तो आंकड़ा कम हो सकता है. आम आदमी पार्टी और बीजेपी ने पहले ही अपने सांसदों को सदन में रहने का व्हिप जारी किया था. अब बिलों के पास होना ना होना इसी बात पर टिका है कि कितने सांसद सदन में गैर हाजिर रहते हैं. इसके साथ ही कितने राजनीतिक दल इससे दूरी बनाते हैं.

राज्‍यसभा में भी नहीं है सरकार के पास नंबर

एनडीए को पहले ही बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल ने झटका दे दिया है. उन्‍होंने बिल के खिलाफ वोट करने की बात कही है. राज्‍यसभा में कुल मिलाकर 245 सीटें हैं. इसके अनुसार बहुमत के लिए  163 सांसद जरूरी हैं.  जबकि एनडीए के पास 134 सांसद हैं. महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को पास कराने के लिए सरकार के पास फिलहाल दोनों सदनों में जरूरी दो‑तिहाई बहुमत नहीं है, अब देखना होगा कि मोदी सरकार की इस नंबर गेम को अपने पाले में कैसे लाती है.