MP में मौसम का यू-टर्न: 42 जिलों में बारिश-आंधी, 12 जिलों में ओले; फसलों को नुकसान

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मध्य प्रदेश में मौसम ने एकदम से करवट ले ली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के सक्रिय होने के बाद पिछले 24 घंटों में प्रदेश के बड़े हिस्से में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि देखने को मिली। शुक्रवार सुबह से भी कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे जहां एक ओर तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर जनजीवन पर इसका असर साफ नजर आ रहा है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के करीब 42 जिलों के 100 से ज्यादा शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, उज्जैन, सागर और जबलपुर जैसे बड़े शहर भी इससे अछूते नहीं रहे। सबसे ज्यादा बारिश धार के बदनावर और बैतूल के घोड़ा डोंगरी क्षेत्र में रिकॉर्ड की गई, जबकि बड़वानी, सेंधवा, भैंसदेही, मुलताई, भोपाल और दमोह समेत कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई।

बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, झाबुआ, खंडवा, आगर-मालवा, विदिशा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, दमोह, सिवनी और छतरपुर जिलों में ओले गिरने से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। रबी सीजन की फसल तैयार होने के समय आई इस मार ने किसानों के सामने नई परेशानी खड़ी कर दी है।

तेज हवाओं ने भी कई इलाकों में हालात बिगाड़े। आगर-मालवा में सबसे तेज हवा 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली, जबकि सीहोर, बड़वानी, नरसिंहपुर और आलीराजपुर में भी तेज आंधी दर्ज की गई। भोपाल, इंदौर, सागर और जबलपुर जैसे शहरों में भी 35 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे कई जगह पेड़ और होर्डिंग्स प्रभावित हुए।

इस पूरे बदलाव का असर तापमान पर भी साफ दिखाई दिया। ठंडी हवाओं और बारिश के कारण प्रदेश में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां पारा 12.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में भी रात का तापमान सामान्य से नीचे चला गया, जिससे लोगों को हल्की ठंड का एहसास हुआ।

हालांकि इस बदलाव से गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन मौसम का यह मिजाज किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में इसी तरह का अस्थिर मौसम बना रह सकता है, जिसमें कहीं आंधी, कहीं बारिश और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की स्थिति फिर बन सकती है।