सत्ता में लंबे समय से बने रहने के बावजूद बीजेपी के जमीनी कार्यकर्ताओं को अपने छोटे-बड़े कामों के लिए मंत्रियों और अधिकारियों तक पहुंच बनाने में दिक्कतें आ रही थीं। कई बार संगठन से जुड़े लोग ही समाधान के लिए दर-दर भटकते नजर आते थे। इसी स्थिति को बदलने के उद्देश्य से पार्टी संगठन ने अब कार्यशैली में सीधा हस्तक्षेप किया है।
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर बीजेपी कार्यालय को ही समाधान केंद्र बनाने का फैसला किया गया है। इसके तहत अब मंत्री तय समय पर पार्टी दफ्तर में बैठकर कार्यकर्ताओं की बात सुनेंगे, ताकि समस्याएं सीधे सुनी और समझी जा सकें।
नई व्यवस्था के अनुसार सोमवार से शुक्रवार तक दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक बीजेपी कार्यालय में मंत्रियों की मौजूदगी रहेगी। हर दिन रोस्टर के आधार पर एक या उससे अधिक मंत्री कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान संगठन से जुड़े विषयों के समाधान के लिए एक प्रदेश पदाधिकारी भी साथ मौजूद रहेगा, ताकि प्रशासनिक और संगठनात्मक मामलों में स्पष्टता बनी रहे।
फरवरी के लिए जारी किया गया पूरा ड्यूटी शेड्यूल
पार्टी ने फरवरी महीने के लिए विस्तृत रोस्टर जारी कर दिया है, जिसमें यह तय किया गया है कि किस दिन कौन-कौन से मंत्री और पदाधिकारी कार्यालय में उपस्थित रहेंगे।
02 फरवरी (सोमवार):
जगदीश देवड़ा (उपमुख्यमंत्री), गौतम टेटवाल (तकनीकी शिक्षा मंत्री), मनीषा सिंह (विधायक, प्रदेश उपाध्यक्ष)
03 फरवरी (मंगलवार):
राकेश सिंह (पीडब्ल्यूडी मंत्री), दिलीप अहिरवार (वन राज्यमंत्री), राजेन्द्र सिंह (प्रदेश मंत्री)
04 फरवरी (बुधवार):
विश्वास सारंग (खेल एवं सहकारिता मंत्री), लखन पटेल (पशुपालन मंत्री), डॉ. नंदिता पाठक (प्रदेश उपाध्यक्ष)
05 फरवरी (गुरुवार):
कैलाश विजयवर्गीय (नगरीय प्रशासन मंत्री), प्रतिमा बागरी (नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री), जयदीप पटेल (प्रदेश मंत्री)
06 फरवरी (शुक्रवार):
विजय शाह (जनजातीय कार्य मंत्री), नरेन्द्र शिवाजी पटेल (स्वास्थ्य राज्यमंत्री), क्षितिज भट्ट (प्रदेश मंत्री)
09 फरवरी (सोमवार):
राजेन्द्र शुक्ला (उपमुख्यमंत्री), नारायण सिंह पंवार (मत्स्य पालन राज्यमंत्री), डॉ. प्रभुलाल जाटव (प्रदेश उपाध्यक्ष)
10 फरवरी (मंगलवार):
प्रहलाद सिंह पटेल (पंचायत मंत्री), राधा सिंह (पंचायत राज्यमंत्री), शैलेन्द्र बरुआ (प्रदेश उपाध्यक्ष)
11 फरवरी (बुधवार):
उदयप्रताप सिंह (स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री), दिलीप जायसवाल (खादी एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री), लोकेन्द्र पाराशर (प्रदेश मंत्री)
12 फरवरी (गुरुवार):
करणसिंह वर्मा (राजस्व मंत्री), कृष्णा गौर (पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री), संगीता सोनी (प्रदेश मंत्री)
13 फरवरी (शुक्रवार):
संपतिया उइके (पीएचई मंत्री), धर्मेन्द्र सिंह लोधी (पर्यटन मंत्री), राजो मालवीय (प्रदेश मंत्री)
16 फरवरी (सोमवार):
तुलसीराम सिलावट (जल संसाधन मंत्री), मनीषा सिंह (विधायक, प्रदेश उपाध्यक्ष)
17 फरवरी (मंगलवार):
ऐदलसिंह कंसाना (कृषि मंत्री), डॉ. प्रभुराम चौधरी (विधायक व प्रदेश उपाध्यक्ष)
18 फरवरी (बुधवार):
निर्मला भूरिया (महिला एवं बाल विकास मंत्री), अर्चना सिंह (विधायक व प्रदेश मंत्री)
19 फरवरी (गुरुवार):
गोविन्द सिंह राजपूत (खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री), बबीता परमार (प्रदेश मंत्री)
20 फरवरी (शुक्रवार):
नारायण सिंह कुशवाह (उद्यानिकी मंत्री), जयदीप पटेल (प्रदेश मंत्री)
23 फरवरी (सोमवार):
नागरसिंह चौहान (अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री), डॉ. प्रभुलाल जाटव (प्रदेश उपाध्यक्ष)
24 फरवरी (मंगलवार):
प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा मंत्री), शैलेन्द्र बरुआ (प्रदेश उपाध्यक्ष)
25 फरवरी (बुधवार):
राकेश शुक्ला (नवकरणीय ऊर्जा मंत्री), लोकेन्द्र पाराशर (प्रदेश मंत्री)
26 फरवरी (गुरुवार):
चेतन्य कश्यप (एमएसएमई मंत्री), राजेन्द्र सिंह (प्रदेश मंत्री)
27 फरवरी (शुक्रवार):
इंदर सिंह परमार (उच्च शिक्षा मंत्री), राजो मालवीय (प्रदेश मंत्री)
जिला स्तर पर भी लागू होगा मॉडल
प्रदेश स्तर की इस पहल को जिला इकाइयों तक ले जाने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। संगठन ने निर्देश दिए हैं कि जिला अध्यक्ष और अन्य जिला पदाधिकारी भी तय दिनों में जिला कार्यालय में बैठेंगे। इन बैठकों में आम लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनी जाएंगी, ताकि संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच सीधा संवाद बना रहे।