जनतंत्र, मध्यप्रदेश, श्रुति घुरैया:
धार जिले में शुक्रवार को बसंत पंचमी का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। वर्षों से संवेदनशील माने जाने वाले भोजशाला परिसर में इस बार प्रशासन की सख्त व्यवस्था और रणनीतिक प्लानिंग के चलते पूजा और नमाज दोनों बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराए गए। आयोजन के सफल समापन के बाद शनिवार को ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने राहत की सांस ली और आपसी उत्साह के साथ सफलता का जश्न भी मनाया, जिसका वीडियो सामने आया है।
दरअसल, बसंत पंचमी का यह आयोजन प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा था। कोर्ट के निर्देशानुसार इस दिन भोजशाला में हिंदू समाज द्वारा पूजा और मुस्लिम समाज द्वारा नमाज—दोनों की अनुमति थी। बीते वर्षों के अनुभवों को देखते हुए किसी भी तरह की चूक गंभीर स्थिति पैदा कर सकती थी, लेकिन इस बार प्रशासन और पुलिस की सतर्कता के चलते पूरा शहर शांत बना रहा।
सुबह से सूर्यास्त तक चला अखंड पूजन
हिंदू समाज की ओर से इस बार मां वाग्देवी के अखंड पूजन का संकल्प लिया गया था। समर्थन में शहर के व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। सुबह ठीक 7 बजकर 24 मिनट पर यज्ञ की पहली आहुति के साथ पूजा की शुरुआत हुई, जो सूर्यास्त तक लगातार चलती रही।
भोजशाला के बाहर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। करीब एक किलोमीटर लंबी लाइन में खड़े श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए औसतन ढाई घंटे का इंतजार करना पड़ा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह बना रहा और पूरे समय वातावरण शांतिपूर्ण रहा।
अलग-अलग व्यवस्था में हुई पूजा और नमाज
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई थीं। भोजशाला के गर्भगृह में हिंदू समाज ने सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां वाग्देवी की अखंड पूजा की। वहीं, भोजशाला के संरक्षित परिसर के उत्तरी हिस्से में मुस्लिम समुदाय के 17 सदस्यों ने जुमे की नमाज अदा की।
हालांकि नमाज के स्थान को लेकर मुस्लिम समुदाय की ओर से नाराजगी भी सामने आई, लेकिन प्रशासनिक हस्तक्षेप और पुलिस की निगरानी के चलते स्थिति नियंत्रण में बनी रही।
प्रशासन की महीनों चली तैयारी आई काम
इस संवेदनशील आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने पहले से व्यापक तैयारी की थी। तीन महीनों तक शहर के अलग-अलग मोहल्लों में शांति समिति की बैठकें की गईं। हिंदू और मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की चर्चाएं हुईं, जिनमें प्रशासन ने अपनी स्थिति और सीमाएं स्पष्ट रूप से रखीं।
इसके अलावा वर्ष 2003, 2013 और 2016 के अनुभवों का विश्लेषण कर इस बार रणनीति में बदलाव किया गया। पहली बार शहर की थ्री-डी मैपिंग कराई गई, एआई-आधारित लिडार तकनीक और ड्रोन का उपयोग किया गया। बसंत पंचमी से पहले ही शहर में फ्लैग मार्च निकाला गया और करीब 8000 पुलिस जवानों की तैनाती की गई।
24 साल में चौथी बार शुक्रवार को आई बसंत पंचमी
पिछले 24 वर्षों में यह चौथी बार था जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी। पूर्व के वर्षों में इस संयोग के दौरान विवाद और तनाव की स्थितियां सामने आई थीं, लेकिन इस बार प्रशासन की छह-सेक्टर रणनीति प्रभावी साबित हुई। नतीजतन, अखंड पूजा और जुमे की नमाज दोनों बिना किसी टकराव के संपन्न हो सकीं।
कलेक्टर ने जताया जनता का आभार
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्र ने कहा कि बसंत पंचमी के दिन जिले में सभी कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। उन्होंने इसके लिए धार की जनता, दोनों समुदायों और प्रशासनिक अमले के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुलिस ने मनाया सफल ड्यूटी का जश्न
पूरे दिन और रात की कड़ी ड्यूटी के बाद शनिवार को पुलिसकर्मियों ने राहत महसूस की। सफल आयोजन के बाद कुछ पुलिसकर्मियों ने आपसी खुशी के तौर पर डीजे पर डांस किया, जिसका वीडियो भी सामने आया है। इसे लंबे समय से चले आ रहे तनावपूर्ण आयोजनों के बाद मिली एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।